पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
कभी सोचा नहीं था कि तुझसे इस कदर बिछड़ जाऊंगा, सपने तो तेरे देखे थे, पर अकेले जीना सीख जाऊंगा।
हर दिन तेरी यादों में खोकर, हम कुछ और ही हो गए,
अब ना कोई शिकवा है, ना कोई मलाल, जिसे जाना था, वो चला गया… बस इतना ही हाल।
तू बेवफा था या हम ही फरेब खा गए, तेरे प्यार में दिल भी हारा और जान भी गवां Sad Shayari बैठे।
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल हुआ।
जहाँ भी जाते हैं, बस तेरा ही हिस्सा बाकी है।
क्या तुमने कभी सोचा, हम दूर क्यों हो गए।
अब जब खुदा भी तेरा नहीं, तो मैं कौन होता हूँ तेरा होने वाला?
रात भर जागता हूं तेरी यादों में, कभी तू भी सो ना पाए, ऐसी कोई दुआ करूं?
मुझे रोता देखकर वो हंस दिया, काश! मेरा दर्द ही मेरी खुशी होती।
बातें अधूरी रह गई, ख्वाब भी अधूरे रह गए, अब बस यादों का एक सिलसिला रह गया।
क्या हम ही से दूर होकर वो सही हो पाए क्या।
और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,